समुद्रयान मिशन

समुद्रयान मिशन:-

अगर आपको समुद्रयान मिशन के बारे में जानना हैं तो आपको इस लेख में समुद्रयान से जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी अमेरिका, चीन जैसे विकसित देश गहरे समुद्र की दुनिया को नई अर्थव्यवस्था बना रहे हैं। अब भारत भी इसी राह पर है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री  किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बताया कि भारत अपने पहले महासागर मिशन समुद्रयान के तहत मानवयुक्त पनडुब्बी को गहरे समुद्र में भेजने जा रहा है।

केंद्र सरकार की ब्लू इकोनॉमी पहल के तहत यह मिशन जून 2021 में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने शुरू किया था। इस पर 5 साल में ₹4,077 करोड़ खर्च होंगे। समुद्रयान इसी का हिस्सा है।भारत सरकार के Union Minister of State (Independent Charge) Earth Sciences- डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि समुद्रयान मिशन भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी मिशन है , जो कि 2026 तक पूरे होने कि उम्मीद है ।

मत्स्य 6000’ नामक ये पनडुब्बी बनकर तैयार है। इसके पहले चरण के परीक्षण मार्च 2024 तक पूरे हो जाएंगे। 2026 तक ये तीन भारतीयों को महासागर में 6000 मी. की गहराई में ले जाएगी। पांच साल के इस मिशन की तैयारियां पूरी हो गई हैं।

सतत् विकास हेतु ‘ब्लू इकॉनमी’ पर भारत-नॉर्वे टास्क फोर्स: दोनों देशों के बीच संयुक्त पहल को विकसित करने और उसका पालन करने हेतु वर्ष 2020 में दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया गया था।सागरमाला परियोजना: सागरमाला परियोजना बंदरगाहों के आधुनिकीकरण हेतु आईटी सक्षम सेवाओं  के व्यापक उपयोग के माध्यम से बंदरगाह विकास के लिये एक रणनीतिक पहल है।

ओ-स्मार्ट: ओ-स्मार्ट  एक अम्ब्रेला योजना है जिसका उद्देश्य सतत् विकास के लिये महासागरों और समुद्री संसाधनों का विनियमित उपयोग करना है।एकीकृत  तटीय क्षेत्र प्रबंधन: यह तटीय और समुद्री संसाधनों के  संरक्षण तथा तटीय समुदायों के लिये आजीविका के अवसरों में सुधार पर केंद्रित है।राष्ट्रीय मत्स्य नीति: भारत में समुद्री और अन्य जलीय संसाधनों से मत्स्य संपदा के सतत् उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर ‘ब्लू ग्रोथ इनिशिएटिव’ को बढ़ावा देने हेतु एक राष्ट्रीय मत्स्य नीति मौजूद है I

समुद्रयान मिशन

समुद्रयान मिशन

 

मिशन के उद्देश्य:-

1 :- 5 वर्ष कि अवधि वाले इस मिशन कि शुरुआत जून 2021 में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ओशियन टेक्नोलॉजी के प्रस्ताव पर भारत सरकार ने शुरू करवाई जिसकी अनुमानित लागत 4077 करोड़ रुपये होगी ꓲ

2 :- यह मिशन 6000 करोड़ के मानवयुक्त सामुद्रिक मिशन का हिस्सा है ।

3 :- समुद्रयान का मुख्य उद्देश्य समुद्र के गहरे तल से महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की खोज करना है ।

4 :- इस मिशन में मत्स्य 6000 नामक वाहन का उपयोग किया जाएगा जिसमें तीन व्यक्तियों के बैठने की  व्यवस्था होगी यह वाहन समुद्र तल कि 6000 मीटर की गहराई तक जा सकेगा ।

5 :- मत्स्य 6000 ,2.1 मी. व्यास वाली ‘टाइटेनियम से बनी गोलाकार पनडुब्बी है, जिसे राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (National Institute of Ocean Technology) चेन्नई द्वारा विकसित एवं डिज़ाइन किया जा              रहा है ,जो कि ( Ministry of Earth Sciences) के प्रभाव में आती है ।

6 :- भारत का यह अनोखा मिशन है जिसमें पहली बार मानवयुक्त वाहन गहरे समुद्र तल तक जाएगा ।

7 :- सामान्य स्थिति में मानव सुरक्षा हेतु इसकी क्षमता 12 घंटे और आपातकालीन स्थिति में 96 घंटे होगी।

8 :- ब्लू इकोनॉमी अहम क्यों? देश की जीडीपी का 4% हिस्सा इससे जुड़ा है ये 95% व्यापार में मददगार है। 7,517 किमी लंबी समुद्री तटरेखा से 9 राज्य 1382 द्वीप जुड़े हैं। देश की 30% आबादी समुद्र पर निर्भर हैं।

समुद्रयान मिशन का महत्व :-

1:- भारत की 30 प्रतिशत आबादी समुद्र तटीय क्षेत्रों में रहती है , इस मिशन के द्वारा उन्हें मछली पालन , पर्यटन, सामुद्रिक जलीय खेती को बढ़ावा मिलेगा ।

2 :- इस मिशन से गहरे समुद्र के उनसुलझे पहलुओं को जानने का मौक़ा मिलेगा ।

3 :- गहरे समुद्र में प्रोद्योगिकी विकास के साथ साथ अनंत संसाधनों की खोजबीन में सहयोग मिलेगा ।

4 :-इसमें 12 कैमरे रहेंगे। समुद्र तल से उठने वाली भूकंपीय तरंगों को पकड़ने की क्षमता है।गहरे समुद्र में 5 वां सबसे ताकतवर देश होगा भारत I

5 :-अभी अमेरिका, रूस,फ्रांस, जापान और चीन के पास ही गहरे समुद्री मिशन के लिए विशेष टेक्नोलॉजी और संसाधन हैं।

6 :-अब तक चीन की पनडुब्बी फेंडोज 11 हजार मी. गहराई में गोता लगा चुकी है। इसने 2021 में ये काम किया था। जून 2023 में अरबपतियों को गहरे समुद्र में टाइटैनिक जहाज का मलबा दिखाने ले गई टाइटन पनडुब्बी 4 हजार मी. गहराई में हादसे का शिकार हुई थी।

समुद्रयान मिशन

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FAQ:-

Que :- 1) समुद्रयान मिशन क्या है?

Ans :- समुद्रयान मिशन भारत सरकार का बहुत महत्वपूर्ण मिशन इस मिशन में भारत अपने मतस्य 6000 नामक वाहन को गहरे समुद्र तल में नए खनिज संसाधनों और वैज्ञानिक             खोजों के लिए भेजा जा रहा है ताकि भारत भी एक सामुद्रिक ताकत के रूप में दुनिया में अपनी पहचान बना सके I

Que :- 2) भारत के पहले महासागर मिशन को क्या नाम दिया गया है?

Ans :- भारत के पहले महासागर मिशन को समुद्रयान मिशन नाम दिया गया है ,जो की भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने दिया है I

Que :- 3) कौन सा मंत्रालय 2026 में समुद्रयान मिशन लॉन्च करेगा?

Ans :- समुद्रयान मिशन भारत सरकार के राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (National Institute of Ocean Technology) चेन्नई द्वारा विकसित एवं डिज़ाइन किया जा रहा                है ,जो कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) के प्रभाव में आती है,जो की मिलके इस मिशन पे काम करेंगे इस मिशन के 2026 तक पुरे होने की                  संभावना है I

Que :- 4) डीप ओशन (Deep Ocean Mission) मिशन किसने लॉन्च किया?

Ans :- डीप ओसियन मिशन ( Deep Ocean Mission ) भारत सरकार के मतस्य 6000 नामक वाहन को समुद्र की 6000 मीटर की गहराई तक भेजना है , मतस्य 6000 में             समुद्र तल से उठने वाली भूकंपीय तरंगों को पकड़ने की क्षमता है, इस मिशन से गहरे समुद्र के उनसुलझे पहलुओं को जानने का मौक़ा मिलेगा, ‘ब्लू ग्रोथ                                      इनिशिएटिव‘,मछली पालन , पर्यटन, सामुद्रिक जलीय खेती को बढ़ावा मिलेगा

 

 

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